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Click Hereक्या आप अपनी पुश्तैनी जमीन का रिकॉर्ड ढूंढ रहे हैं? अक्सर जमीन के पुराने कागजात खो जाने या फटने के कारण हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत, अब आप 100 साल पुराने जमीन के दस्तावेज अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे देख सकते हैं और उन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको सभी प्रमुख राज्यों के आधिकारिक पोर्टल और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।
भूलेख रिकॉर्ड 2026
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) |
| लेख का विषय | पुराने जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन खोजना |
| लाभार्थी | भारत के सभी भूमि मालिक और नागरिक |
| मुख्य लाभ | खसरा, खतौनी, भू-नक्शा और पुराने रिकॉर्ड की डिजिटल कॉपी |
| आधिकारिक वेबसाइट | राज्यवार पोर्टल (नीचे दी गई सूची देखें) |
मुख्य लाभ और विशेषताएं (Key Benefits)
- समय की बचत: अब आपको तहसील या पटवारी के पास जाने की आवश्यकता नहीं है।
- पारदर्शिता: ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से धोखाधड़ी और जमीन विवादों में कमी आती है।
- मुफ्त सेवा: अधिकांश राज्यों में रिकॉर्ड देखना बिल्कुल मुफ्त है।
- डाउनलोड सुविधा: आप अपनी खतौनी या भू-नक्शा की डिजिटल कॉपी PDF में सेव कर सकते हैं।
- पुराना डेटा: कई राज्यों ने अपने 50 से 100 साल पुराने ‘अभिलेख’ भी ऑनलाइन कर दिए हैं।
आवश्यक जानकारी/दस्तावेज (Eligibility & Documents)
पुराना रिकॉर्ड खोजने के लिए आपके पास इनमें से कोई एक जानकारी होनी चाहिए:
- खसरा नंबर या खतौनी नंबर।
- खाता संख्या।
- जमीन मालिक का नाम (पुराना नाम जो कागजों में हो)।
- गांव, तहसील और जनपद का नाम।
पुराने दस्तावेज खोजने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
अगर आप अपनी जमीन का पुराना रिकॉर्ड देखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
स्टेप 1: अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले ऊपर दी गई सूची में से अपने राज्य के सामने वाले लिंक पर क्लिक करें। (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए upbhunaksha.gov.in या बिहार के लिए dlrs.bihar.gov.in)।
स्टेप 2: जनपद, तहसील और ग्राम चुनें
वेबसाइट खुलने के बाद आपको अपना जिला (District), तहसील और फिर अपने गांव का चुनाव करना होगा।
स्टेप 3: खोज विकल्प चुनें
अब आपको कई विकल्प मिलेंगे जैसे- खसरा नंबर द्वारा खोजें, खाता संख्या द्वारा या नाम द्वारा। यदि आपके पास पुराना नंबर है, तो उसे दर्ज करें।
स्टेप 4: पुराने रिकॉर्ड (Real-time Khatauni/Old Record) पर क्लिक करें
कुछ वेबसाइट्स पर ‘पुराने डिजिटल रिकॉर्ड’ या ‘अभिलेख’ का अलग सेक्शन होता है, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 5: विवरण देखें और डाउनलोड करें
कैप्चा कोड भरकर सबमिट करें। आपकी स्क्रीन पर जमीन का पूरा विवरण (मालिक का नाम, क्षेत्रफल, ऋण की स्थिति आदि) आ जाएगा। आप इसे Print/Save as PDF कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)
| महत्वपूर्ण लिंक | यहाँ क्लिक करें |
| Official Website | Uper Button Me Hai |
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| Official Notification | यहाँ देखें |
निष्कर्ष (Conclusion)
जमीन के दस्तावेजों का डिजिटल होना आम नागरिक के लिए एक बड़ी राहत है। चाहे वह उत्तर प्रदेश का भूलेख हो या बिहार का राजस्व विभाग, सभी राज्य अपनी सेवाओं को ऑनलाइन कर चुके हैं। यदि आपको ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो आप अपनी तहसील के ‘अभिलेख कक्ष’ (Record Room) में जाकर ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. क्या 50-60 साल पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन मिल सकता है?
Ans: हाँ, कई राज्यों ने अपने पुराने ‘मिसल बंदोबस्त’ और चकबंदी रिकॉर्ड्स को डिजिटल कर दिया है। आप राज्य के राजस्व विभाग की वेबसाइट पर ‘Old Records’ सेक्शन में देख सकते हैं।
Q2. अगर ऑनलाइन नाम गलत दिखा रहा है तो क्या करें?
Ans: इसके लिए आपको अपनी तहसील के तहसीलदार या राजस्व अधिकारी को ‘त्रुटि सुधार’ (Correction) के लिए आवेदन देना होगा।
Q3. भूलेख ऑनलाइन निकालने के लिए कितनी फीस लगती है?
Ans: केवल विवरण देखने के लिए कोई शुल्क नहीं है, लेकिन प्रमाणित (Certified Copy) डाउनलोड करने के लिए कुछ राज्यों में छोटा सा शुल्क देना पड़ सकता है।




