पीएम कुसुम योजना 2026 के तहत सोलर पंप लगवाने पर 90% तक सब्सिडी पाएं। जानें पात्रता, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और अपनी बंजर जमीन से बिजली बेचकर कमाई करने का तरीका।
क्या आप डीजल पंप के महंगे खर्च और बिजली की अनियमित सप्लाई से परेशान हैं? भारत सरकार ने किसानों की इसी समस्या को खत्म करने के लिए ‘पीएम कुसुम योजना (PM KUSUM Yojana)’ को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है।
यह योजना किसानों के लिए “आम के आम और गुठलियों के दाम” जैसी है। इसके तहत आप न केवल अपने खेत में सोलर पंप (Solar Pump) लगवाकर मुफ्त सिंचाई कर सकते हैं, बल्कि अपनी खाली या बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाकर सरकार को बेच भी सकते हैं। 2026 तक इस योजना का लक्ष्य लाखों किसानों को डीजल-मुक्त बनाना है।
PM KUSUM Yojana: Overview
| विवरण | जानकारी |
| योजना का नाम | पीएम कुसुम योजना (PM KUSUM Scheme) |
| मंत्रालय | नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| मुख्य लाभ | सोलर पंप पर सब्सिडी + बिजली बेचकर कमाई |
| सब्सिडी राशि | लागत का 60% से 90% तक (केंद्र + राज्य) |
| किसान का हिस्सा | केवल 10% (बाकी बैंक लोन और सब्सिडी) |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (राज्य स्तरीय पोर्टल्स के माध्यम से) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmkusum.mnre.gov.in |
Key Benefits/Features (योजना के मुख्य लाभ)
पीएम कुसुम योजना के तीन मुख्य घटक (Components) हैं, जिनसे किसानों को सीधा फायदा मिलता है:
- भारी सब्सिडी (Component B): ऑफ-ग्रिड (जहां बिजली नहीं है) क्षेत्रों में डीजल पंप बदलने और नया सोलर पंप लगाने के लिए 60% सब्सिडी (30% केंद्र + 30% राज्य) मिलती है। किसान को सिर्फ 10% पैसा लगाना होता है, बाकी 30% बैंक लोन मिल जाता है।
- कमाई का मौका (Component A & C): यदि आपके पास ग्रिड से जुड़ा बिजली का पंप है, तो आप उसे सोलर में बदल सकते हैं। जो बिजली आप इस्तेमाल नहीं करेंगे, उसे आप बिजली विभाग (DISCOM) को बेचकर सालाना कमाई कर सकते हैं।
- बंजर जमीन का उपयोग: किसान अपनी बेकार पड़ी या बंजर जमीन पर सोलर प्लांट (500 kW से 2 MW तक) लगाकर बिजली उत्पादन कर सकते हैं और उसे सरकार को बेच सकते हैं।
- पहाड़ी क्षेत्रों को विशेष लाभ: उत्तर-पूर्वी राज्यों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों के किसानों के लिए सब्सिडी की राशि और भी अधिक हो सकती है।
- पर्यावरण अनुकूल: डीजल का धुआं खत्म होता है और खेती की लागत लगभग शून्य हो जाती है।
Eligibility & Documents (पात्रता और आवश्यक दस्तावेज)
आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आप निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:
पात्रता (Eligibility Criteria):
- आवेदक भारत का किसान होना चाहिए।
- किसान के पास सिंचाई के लिए अपनी जमीन होनी चाहिए।
- किसानों के समूह, सहकारी समितियां, पंचायत और किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी आवेदन कर सकते हैं।
- आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है।
आवश्यक दस्तावेज (Documents Required):
- आधार कार्ड
- जमीन के दस्तावेज (खसरा/खतौनी/जमाबंदी की नकल)
- बैंक पासबुक (बैंक खाता संख्या और IFSC कोड)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- घोषणा पत्र (शपथ पत्र)
Application Process: Step-by-Step Guide (आवेदन प्रक्रिया)
महत्वपूर्ण चेतावनी: पीएम कुसुम योजना के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट्स चल रही हैं जो रजिस्ट्रेशन फीस मांगती हैं। कृपया ध्यान दें, सरकार आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए पैसा नहीं मांगती। आवेदन हमेशा अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल से ही करें।
Step 1: आधिकारिक राज्य पोर्टल पर जाएं
यद्यपि केंद्रीय वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in है, लेकिन आवेदन आपके राज्य के ऊर्जा विभाग की वेबसाइट (जैसे यूपी में UPNEDA, राजस्थान में RRECL, हरियाणा में सरल पोर्टल) के माध्यम से होता है।
Step 2: पंजीकरण (Registration)
पोर्टल पर ‘PM KUSUM Apply Online’ लिंक पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और नाम दर्ज करके रजिस्ट्रेशन करें।
Step 3: फॉर्म भरें
लॉगिन करने के बाद, अपनी जमीन की जानकारी, पंप की क्षमता (जैसे 3HP, 5HP, 7.5HP) और बैंक डिटेल्स भरें।
Step 4: दस्तावेज अपलोड करें
जमीन के कागज (खसरा/खतौनी) और आधार कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
Step 5: किसान हिस्सा जमा करें
आवेदन स्वीकृत होने के बाद, आपको अपने हिस्से की राशि (जो कुल लागत का 10% होती है) विभाग द्वारा बताए गए बैंक खाते में जमा करनी होगी।
Step 6: पंप इंस्टॉलेशन
राशि जमा होने के बाद, चयनित वेंडर आपके खेत पर आकर सोलर पंप इंस्टॉल कर देगा।
Important Links (महत्वपूर्ण लिंक्स)
| कार्य (Action) | लिंक (Link) |
| Official Website (MNRE) | Click Here |
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| State Wise Portal List | Check Here |
Conclusion (निष्कर्ष)
पीएम कुसुम योजना 2026 तक किसानों की आय दोगुनी करने और खेती की लागत घटाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। केवल 10% निवेश करके आप अगले 25 सालों के लिए मुफ्त बिजली पा सकते हैं। यदि आपके पास बंजर जमीन है या आप डीजल के खर्च से बचना चाहते हैं, तो आज ही अपने राज्य के पोर्टल पर जाकर आवेदन करें और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पीएम कुसुम योजना में किसान को कितना पैसा देना पड़ता है?
Ans: आम तौर पर किसान को सोलर पंप की कुल लागत का केवल 10% हिस्सा देना होता है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 60% सब्सिडी देती हैं और बाकी 30% बैंक लोन के रूप में मिल जाता है।
Q2. क्या मैं अपनी बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगवा सकता हूँ?
Ans: हाँ, योजना के ‘कंपोनेंट A’ के तहत आप अपनी बंजर, परती या कृषि योग्य जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सोलर प्लांट लगवा सकते हैं और बिजली बेचकर कमाई कर सकते हैं।
Q3. आवेदन के लिए सही वेबसाइट कौन सी है?
Ans: केंद्रीय मंत्रालय की वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in है, लेकिन आवेदन राज्यों के ऊर्जा विभाग की वेबसाइटों (जैसे राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश के अपने पोर्टल) पर किए जाते हैं। .org या .com वाली मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइटों से बचें।
Q4. सोलर पंप की वारंटी कितने साल की होती है?
Ans: योजना के तहत लगाए गए सोलर पंप और पैनल पर आमतौर पर 5 साल की रखरखाव वारंटी वेंडर द्वारा दी जाती है और सोलर पैनल की परफॉरमेंस वारंटी 25 साल तक हो सकती है।




